शनिवार, ८ जून, २०१३

तलाश

इक तू है या तेरा अहसास है,
जाने क्या मेरे पास है,
तू न था तो था खोया खोया ,
तू है फिरभी कैसी  तलाश है ....

खुदा जो ढूँडने चला मै,
तो सच्चाई है मिली ...
तुझको ढूँडने चला तो बेवफाई है मिली ...
खुद को ढूंडा  तुझमें तो तन्हाई है मिली ... 
तुझको ढूंडा  खुदमे तो परछाई  है मिली  ....

अँधेरा है चाँदका, उजाला है रात का,
तेरी बातोंकी ख़ामोशी और, मेरी खामोशी की बात का  ....

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